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जहुराबाद के पूर्व विधायक कालीचरन राजभर बसपा छोड़ , सपा किए जॉइन

गाजीपुर। विधानसभा में बसपा का गढ़ कहे जाने वाले विधानसभा में पार्टी को करारा झटका लगा जहां लगातार दो बार विधायक रहे कालीचरण राजभर ने बसपा का दामन छोड़कर सपा का दामन थाम लिया, इससे जहूराबाद की सियासत गरमा गई है, कालीचरण राजभर ने आज लखनऊ पार्टी कार्यालय अखिलेश यादव के समक्ष सपा की सदस्यता ग्रहण की, संवाददाता विमलेश तिवारी      से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह सपा की नीतियों से प्रभावित होकर सपा में शामिल हो रहे     हैं, मैं छोड़ने के सवाल पर कालीचरण राजभर    कन्नी काट गया उन्होंने कहा कि मेरा राजनीतिक कैरियर बसपा से ही शुरु हुआ है

इसलिए मैं बसपा के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, 2022 में सपा से टिकट टिकट के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि माननीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी से इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है, पार्टी का सच्चा सिपाही बनकर रहूंगा, पार्टी टिकट दे या ना दे टिकट के बाबत अभी कोई बात नहीं हुई है,
कालीचरण राजभर जहूराबाद की सियासत का बड़ा नाम जो मूलतः जंगीपुर विधानसभा के पांडेयपुर राधे के निवासी है जिन्होंने प्रधान पद से विधायक तक पहुंचे,कालीचरण राजभर बिरहा गायक रहते ही 2002 में बसपा से टिकट हासिल करके सपा के शिवपूजन चौहान को 5223 मतो से हराकर बसपा की हाथी को दौड़ा दिया, कालीचरण राजभर को 56504 एवं निकटतम प्रतिद्वंदी शिवपूजन चौहान को 50281 मत प्राप्त हुए,

2007 के चुनाव में सपा से भितरघात का फायदा उठाते हुए कालीचरण लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए जब उन्होंने पिछले चुनाव की अपेक्षा मत जरूर कम मिले लेकिन सपा के भीतरघात से उनको फायदा मिला और 17100 वोट से जीत का सेहरा अपने सिर पर बाधा,
2012 में कालीचरण हराओं अभियान में सपा की सैयद सादाब फातिमा ने कालीचरण की हैट्रिक पर विराम लगाते हुए सपा का पहली बार परचम जहूराबाद में फहराया फिर भी अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो कालीचरण राजभर के वोट में पिछले चुनाव की अपेक्षा जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और 56534 मत प्राप्त हुए और फातिमा को 67012 मत प्राप्त हुए,इसी चुनाव में भाजपा 5500 वोट बमुश्किल पा पाई थी,

2017 में मायावती ने एक बार फिर कालीचरण राजभर पर ही भरोसा जताया लेकिन वोट प्रतिशत में इजाफा होने के बाद भी कालीचरण राजभर को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा,और भाजपा सुभासपा उम्मीदवार ओमप्रकाश राजभर को 18081 वोट से जीत मिली,ओमप्रकाश राजभर को 86583 वोट तथा कालीचरण राजभर को 68502 वोट प्राप्त हुए, राजनीतिक पंडितों के अनुसार जहूराबाद की सियासत में अब सपा में उथल पुथल मचनी तय है,महेंद्र चौहान पिछले चुनाव में हारकर भी क्षेत्र में लगातार चार साल से सक्रियता बनाए हुए है,उधर शिवपाल यादव से गठबंधन के बाबत शादाब फातिमा की उम्मीदवारी चार चांद लगाती दिखेगी,
वहीं अब कालीचरण राजभर,को सपा में शामिल कराने के पीछे एक पूर्व एमएलसी का अहम योगदान माना जा रहा है और दोनों की पृष्ठभूमि एक बिरहा गायक की ही रही है, वहीं यह सीट अगर सपा से गठबंधन के तहत सुहेलदेव को मिल गई तो उससे भी पार पाना कठिन हो सकता है,महेंद्र चौहान,कालीचरण राजभर,शादाब फातिमा और ओमप्रकाश राजभर के लिए इस बार जहूराबाद का चुनाव एक नया मोड़ लेकर आएगा जिस पर सभी राजनीतिक पंडितों की निगाहें लगी हुई है।

रिपोर्टर संवाददाता –

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