अंतरराष्ट्रीय समाचार

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर जाने से छात्र नेताओं को क्यों रोका गया है ?

गाजीपुर – प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के जनपद में निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेसवें की समीक्षा, निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रम के तहत आज हो रहें , गाजीपुर आगमन   के दौरान छात्रहित में जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग को लेकर उनसे मिलने का मन बना चुके थे | यहां के छात्र प्रतिनिधि मंडल के मंसूबों पर आज   तब पानी फिर गया , जब मुख्यमंत्री जी के आगमन के पूर्व ही जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे , पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय सहित छात्र प्रतिनिधि मंडल को   श्री उपाध्याय के निजी आवास पर एकत्र हुयें , प्रतिनिधि मंडल में शामिल छात्र दल को समारोह स्थल पर जाने के लिए निकलने से पूर्व ही पुलिस प्रशासन कि कड़ी निगरानी में कोतवाल विमल   मिश्रा सहित गोराबाजार चौकी इंचार्ज अनुराग गोस्वामी द्वारा घर में ही नजरबंद कर दिया गया | इससे एक तरफ जहां छात्र प्रतिनिधि मंडल सहित यहां के समस्त छात्र समुदाय में मायूसी की लहर व्याप्त हो गयी |

वही दूसरी तरफ प्रदेश के मुखिया से मिलकर छात्र हित में विश्वविद्यालय की मांग उठायें जाने से जिला प्रशासन द्वारा रोके जाने के इस प्रयास से छात्रों में आक्रोश व्याप्त है | अपने निजी आवास पर छात्र  दल के साथ नजरबंद श्री उपाध्याय ने मीडिया को बयान जारी करते हुए , बताया की गाजीपुर जिले    में विश्वविद्यालय का न होना सबके लिए एक अभिशाप जैसा है |फलस्वरूप पूर्वांचल के पिछडें जनपद में यहां के छात्र- छात्राएं उच्च शिक्षा को  लेकर प्रायः कुंठा और निराशा के शिकार होते रहें     हैं | मुख्यमंत्री महोदय के आज जनपद आगमन के दौरान उनसे मिलकर यहां विश्वविद्यालय स्थापना   की मांग उठाने के पीछे कही से भी हम छात्रों का  यह मकसद नहीं था | कि हम वहां हंगामा या विरोध करें | हम तो गांधीवादी तरीके से मिलकर उनके समक्ष अपनी बात रखना चाहते थे | विरोध प्रदर्शन या झंड़े बाजी कि बात तो तब उत्पन्न होती , जब हमे सम्मान नहीं मिलता व हमारी उपेक्षा होती, परंतु आज माननीय मुख्यमंत्री महोदय से हम छात्रों को मिलवायें जाने और

उनके समक्ष विश्वविद्यालय कि मांग उठायें जाने      के बाबत हमारी तरफ से जिला प्रशासन को बार   बार अवगत करायें जाने व आग्रह किये जाने के बावजूद हमें प्रदेश के मुखिया से मिलवाने के स्थान पर जिस तरह पुलिस प्रशासन कि निगरानी में हमें नजरबंद कर रोकने का प्रयास किया गया है | उसने एक बार पुनः गुलाम भारत की याद ताजा करा दी   है | जिला प्रशासन का यह कदम हमारे लोकतांत्रिक एवं मौलिक अधिकारों के हनन जैसा है | जिसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है | हमने    यदि जनपद में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग का दृढ़ संकल्प कर ही लिया है , तो हम हर हाल में अपनी इस मांग को तब तक जारी रखेंगे | जब तक जिले में विश्वविद्यालय स्थापना कराये जाने के अपने उद्देश्य में हम सफल न हो जाए | हमारा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा | यदि आवश्यक हुआ तो    आज हम अपनी छात्र शक्ति का प्रदर्शन करते हुए , नजरबंदी को तोड़कर जिला शासन व पुलिस प्रशासन का पुतला भी दहन करेंगे |

ताकि हमारी यह अवाज मुख्यमंत्री महोदय तक  पहुंचे | और उन्हें एहसास हो की जिला प्रशासन  द्वारा छात्रों की आवाज दबायें जाने की यह जो नाकाम व घिनौनी कोशिश हुई है | उससे आज   जिले के छात्र इतने दुखी व आहत हुये है, आखिर कब तक हमारी भावनाओं का दमन होता है | हमें यह देखना है, घर में नजरबंदी के दौरान पूर्व छात्र  संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, छात्र संघ अध्यक्ष अनुज कुमार भारती, प्रवीण पाण्डेय, आकाश तिवारी, आकिब खां, दीपक कुमार, विकास यादव, कमलेश गुप्ता के साथ अपने निजी आवास में नजरबंद थें। वर्तमान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जब छात्र प्रतिनिधि मंडल द्वारा विरोध स्वरूप जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का    पुतला फूंके जाने पर छात्र नेता दीपक उपाध्याय सहित छात्र प्रतिनिधि मंडल को गिरफ्तार कर कोतवाली लाया गया है।

रिपोर्टर संवाददाता –

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker