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शैक्षणिक उन्नयन गोष्ठी एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की विदाई समारोह

शैक्षणिक उन्नयन गोष्ठी एवं से.नि.अधिकारियो का विदाई समारोह-

गाजीपुर सैदपुर: डायट पर नई शिक्षा नीति की क्रियान्वयन की चुनौतियां विषय पर शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया था । साथ ही सेवानिवृत्त संयुक्त शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, डायट प्राचार्य को उनके सेवानिवृत्त पर समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के प्रतिमा पर  दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुआ। डी०एल०एड० के छात्राओं द्वारा उत्तर प्रदेश के कत्थक नृत्य, महिला सशक्तिकरण  पर योग सन्देश, आधारित समूह नृत्य तथा अन्य सांस्कृतिक प्रोग्राम किए गए , ज़िसे सभी अथितियों एवं निजी विद्यालयो के प्रबंधक मौजूद रहे।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा० ओ०पी०   द्विवेदी,(सेवानिवृत्त संयक्त निदेशक मेरठ) श्री शिवचन्द्र राम (से०नि० जिनिवि देवरिया) ,श्री फूलचंद यादव,(से०नि० जिनिवि सोनभद्र) , श्री ओमदत्त सिंह (से०नि० जिनिवि बागपत ) एवं श्री आर०पी० यादव (से०नि०प्रचार्य डायट देवरिया)  रहे। इस अवसर पर डायट की सिद्धि पत्रिका का विमोचन किया गया। इस शैक्षिक उन्ननयन गोष्ठी    को सम्बोधित करते हुए , ओ०पी० द्विवेदी ने कहा  कि नई शिक्षा नीति प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा को संरचनात्मक ढांचा में बदलाव हेतु , एक सराहनीय कदम है। इस लागू करने हेतु एक्टिव, एक्सपेरिमेंटल, इन्नोवेटिव लर्निंग पर कार्य करना होगा। डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा    कि नई शिक्षा तभी प्रभावी होगी , जब सभी    शिक्षक प्रशिक्षित होंगे।

जिसे 2022 तक निष्ठा जैसे प्रशिक्षण प्रोग्राम संचालित कर शिक्षकों को योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षित करना होगा। सेवानिवृत्त जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचंद्र राम ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों। विद्यालयों की संरचना में विकास हेतु  नई शिक्षा नीति एक कारगर और दूरदर्शी शिक्षा  नीति है |जो प्रगतिशील सृजनशील एवं नैतिक   मूल्यों से परिपूर्ण ऐसे भारत की कल्पना करती     है। वही से.नि. जिविनि फूलचंद यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति रटने के बजाय सीखने पर जोर देती है | जो बच्चों में सृजनात्मकता कौशल युक्त शिक्षार्थी तैयार करेगी। सेनि जिविनि ओमदत्त.    सिंह ने कहा नई शिक्षा नीति देख की शैक्षिक दशा एवम दिशा बदलने हेतु एक राष्ट्रीय पहल है , जो 2030 तक देश के सृजनशील वैज्ञानिक कौशल  युक्त नागरिक बनाएगी।

सैदपुर उपशिक्षा निदेशक सोमारू प्रधान ने भी    कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति डायट में समय-समय  पर शिक्षाविदों प्रोफेसर व्याख्याता के द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मीटिंग की गई तथा  अच्छे सुझावों को प्रदेश स्तर पर अवगत कराया गया। श्री प्रधान ने सभी मुख्य अतिथियों को बुके, अंगवस्त्र एवम स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता उमानाथ ने कहा कि डायट नवनियुक्त ऊर्जावान प्रवक्ताओं से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है है। (उपशिक्षा निदेशक) मिर्जापुर श्री चंद्रजीत यादव, (उपशिक्षा निदेशक) वाराणसी  श्री ओमकार शुक्ल, (जिला विद्यालय निरीक्षक) वाराणसी श्री वी०पीी० सिंह, (संयुक्त निदेशक).     श्री अरुण द्विवेदी, (डायट प्राचार्य मऊ) श्री प्रभुनाथ चौहान, (डायट प्राचार्य भदोही) श्री नन्दलाल ,  (डायट प्राचार्य बलिया) श्री विकायल भारती,   (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गाज़ीपुर) श्री   श्रवण गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये तथा सभी मुख्य अथिति का नए जीवन की    शुभकामनाएं दी।

इस कार्यक्रम का संचालन डायट प्रवक्ता हरिओम यादव ने किया। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी रेवतीपुर श्री प्रभाकर यादव, खण्ड शिक्षा अधिकारी सैदपुर श्री मनोज शर्मा , सेनि प्रभारी वरिष्ठ प्रवक्ता डॉॉ० कमल नयन सिंह यादव, डॉॉ० अनामिका, शिवकुमार पांडेय, डॉ० सर्वेश रॉय, डॉ० साजिया रसीदी, राकेश कुमार यादव , डॉ० मंजर कमाल, आलोक कुमार तिवारी, राजवंत सिंह, निधि सोनकर, डॉॉ० अर्चना सिंह, सुमन तिवारी, श्रीमती अंकिता सिंह , आलोक कुमार, बृजेश कुमार , डॉॉ० गौरव जायसवाल, मनोज गुप्ता सहित सैकडों डी०एल०एड० प्रशिक्षु आँँचल , प्रियंका , कंचन , पायल , राहुल , अनुराग , राजेश , दीपक सहित सैकड़ों प्रशिक्षु मौजूद रहे ।

रिपोर्ट:संवाददाता

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