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हेल्थ केयर सेंटर में ऑपरेशन कैसे , विभाग की मेहरबानी या डॉक्टर की तानाशाही

हेल्थ केयर सेन्टर में आपरेशन कैसे , विभाग की मेहरबानी या डा० की तानाशाही –

गाजीपुर जखनियां: कस्बा क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों का कारोबार खूब चल रहा है। कुछ तो विभाग की मेहरबानी होगी , तभी तो इन पर लगाम नही लग  रहा है। भुडकुडा़ कोतवाली से महज कुछ दूरी पर और एस०डी०एम० आवास के ठीक पीछे चन्द्रावती हेल्थ केयर सेन्टर नाम रजि. हास्पिटल है। जिसका रजि. 0960 है। यहां पर विशेष रुप से महिलाओं  की बच्चेदानी का आपरेशन और सिजेरियन डिलेवरी करायी जाती है। यहां के हास्पिटल संचालक डॉ० राजेश यादव ही आपरेशन और इलाज करते हैं ,    जो की किसी तरह 12 वीं० पास है। हास्पिटल रजिस्ट्रेशन नियमों के मुताबिक हेल्थ केयर सेन्टर.  पर केवल ओपीडी ही देख सकते हैं। जैसे ब्लड  प्रेशर चेक करना, शुगर चेक करना, इत्यादि। नियमों के मुताबिक हेल्थ केयर सेन्टर में आपरेशन तो दूर , इंजेक्शन भी नही लगा सकते । लेकिन यहाँ पर  बहुत लम्बे पैमाने पर आपरेशन थियेटर 50 बेड से भी ज्यादा का हास्पिटल बना है। और इतना ही नही हास्पिटल में बेसमेन्ट भी बना है। उसमें भी मरीजों को रखने का लम्बा चौडा़ इन्तजाम है। बेसमेन्ट     की जरुरत तब पड़ती है , जब हास्पिटल में कोई अनहोनी हो जाये और जांच की आशंका होती है , तब मरीजों को बेसमेंट मे शिफ्ट कर दिया जाता है।

और निरीक्षण के नाम पर स्वास्थ्य विभाग चुनिंदा हॉस्पिटलों पर ही कार्रवाई क्यों करता है। अभी  महज कुछ ही दिनों पहले चंद्रावती हेल्थ केयर के बगल वाले हॉस्पिटल पर डिप्टी सी०एम०ओ० कार्यवाही की है , लेकिन इस पर मेहरबानी क्यों दिखाई है , यह सोचने वाली विषय है। अभी कुछ     ही दिनों पहले एक मामला प्रकाश में आया था , जिसमें सुल्तानपुर ग्राम सभा की रहने वाली अनीता देवी के सिजेरियन डिलीवरी करते वक्त डॉ० राजेश यादव ने महिला के पेट में रुमाल छोड़ दिया था। उसके बावजूद भी महिला से इलाज के नाम पर महीनों मरहम पट्टी बदलकर पैसा एंठता रहा।  लेकिन जब महिला की हालत बिगड़ती गई , तब.  वह अन्य हॉस्पिटल में जांच कराई तो पता चला     कि उसके पेट में रुमाल छूट गई हैं। फिर दोबारा महिला का ऑपरेशन कराना पड़ा , महिला के पेट   में काफी सड़न और मवाद बन गई थी। इस समय महिला जिंदगी और मौत से जूझ रही है। इसी तरह का एक और मामला बहरियाबाद थाना अंतर्गत चकररस्तही ग्राम सभा के हंशा देवी का आया था। जिसमें डॉ० राजेश यादव ने बच्चेदानी के ऑपरेशन करते वक्त पेशाब की नली काट दी थी |

जिसके फल स्वरूप महिला के पेशाब डायरेक्ट    होने लगी। जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उक्त महिला के परिवार वालों ने सर सुंदरलाल हॉस्पिटल वाराणसी बी०एच०यू० में एडमिट करा दिया। किसी तरह महिला की जान बची। हंसा देवी ने इस डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भुड़कुडा़ कोतवाली, पुलिस संपूर्ण समाधान दिवस तहसील पर एस०डी०एम० को, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिलाधिकारी, उपभोक्ता फोरम, मानवाधिकार आयोग, स्वास्थ्य  मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी गुहार लगाई , लेकिन उस रसूखदार डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस डॉक्टर ने उल्टे महिला के ऊपर केस कर दिया कि हंशा देवी मुझे बेवजह.  फंसा रही है। अब देखना है कि ऐसे डॉक्टरों के  ऊपर प्रशासन की क्या कार्रवाई होती है | जबकि  इस डॉक्टर की जखनिया क्षेत्र में ही नहीं , पूरे गाजीपुर जिला में चंद्रावती हेल्थ केयर के नाम.       से जाना जाता है |

रिपोर्टर संवाददाता –

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