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रिलायंस फ़ाउंडेशन के तकनीकी कार्यक्रम से खेती में हुआ लाभ

रिलायंस फ़ाउंडेशन के तकनीकी कार्यक्रम से खेती में   हुआ लाभ

गाजीपुर –  मेरा नाम मनोज पाल पिता राजेंद्र पाल हैं, मै  32 वर्ष का एक मध्यमवर्गीय किसान हूँ|मैं गाँव सेखनपुर तहसील-कासिमबाद जिला गाजीपुर का स्थायी निवासी हूँ| खेती और पशुपालन ही हमारे आमदनी का मुख्य स्रोत है| मैंने अपने 4 एकड़ अर्थात 6 बीघे में धान की खेती थी, मेरे धान की फसल मेके सुरुवात में हीं पत्तियाँ पीली होने लगी थी इसका कारण मुझे नहीं समझ आ रहा था कौन सी दवा का छिड़काव करूँ क्योंकि पिछले साल भी इस तरह की समस्या थी तो मैंने यूरिया का छिड़काव किया था लेकिन पूर्ण रूप से लाभ नहीं हुआ इस साल मुझे समझ नही आ रहा था की मैं इसके लिए क्या उपाय करूँ जिससे ये समस्या ठीक हो जाए जिससे उत्पादन में कमी न आये| इसी बीच मुझे रिलायंस फाउंडेशन द्वारा किसानों के लिए आयोजित किए जा रहे डायल आउट कार्यक्रम की जानकारी स्थानीय कर्मचारी से मिली|

उन्होने दिनांक 28/7/21 को प्रोग्राम होने की जानकारी दी इस तरह से मुझे इस कार्यक्रम में जुडने का अवसर प्राप्त हुआ| मुझे  इस कार्यक्रम के माध्यम से दूसरे किसान भाई के द्वारा पूछे हुए समस्या, जो की मेरी भी समस्या थी , का समाधान रिलायंस फ़ाउंडेशन के कृषि विशेषज्ञ के माध्यम से मिली| कृषि विशेषज्ञ ने हमे अपने खेत मे ज़िंक सल्फेट 21 प्रतिशत 5 किलो और 20 किलो यूरिया 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने को कहा और मैंने वैसा ही किया| जिसके फलस्वरूप मेरी धान की फसल में पत्ती पीली होने की समस्या समाप्त हो गयी| पिछले साल की अपेछा इस साल प्रति एकड़ 2 क्विंटल अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ| 2020 खरीफ़ में प्रति एकड़ 12 क्विंटल उत्पादन यानि 4 एकड़ में 48 क्विंटल उत्पादन हुआ था और इस साल 4 एकड़ खेत में 56 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ है जिससे मुझे 14400/- रुपए की अतरिक्त आमदनी हुई है | कोविड के समय घर से ही कृषि विशेषज्ञ के माध्यम से हमारी कृषि समस्या का समाधान करके हमें अतिरिक्त लाभ पहुंचाने के लिए हम रिलायंस फ़ाउंडेशन को बहुत बहुत धन्यवाद देते है ।

रिपोर्टर संवाददाता –

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