उत्तर प्रदेश

पुलिस अधीक्षक ने दलालों के चंगुल में फंसे पूर्व थानाध्यक्ष को किया निलंबित

पुलिस अधीक्षक ने दलालों के चंगुल में फंसे पूर्व थानाध्यक्ष को किया निलंबित

सुजीत कुमार सिंह

गाज़ीपुर – भाजपा नेता मन्नू बिंद के जेल जाने के बाद अब कार्रवाई का सिलसिला पुलिस विभाग तक पहुंच गया है । इस मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए , पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने शादियाबाद थाने में उपनिरीक्षक पद पर तैनात कासिमाबाद के तत्कालीन थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम दुष्कर्म के आरोपित को बचाने के आरोपों के मद्देनजर उठाया गया है ।   इस कार्रवाई से भाजपा नेताओं जैसे राजनीतिक हलकों से लेकर क्षेत्र में आम जनता तक चर्चाओं का दौर काफी तेज हो गया है । वहीं कोतवाल नंदकुमार तिवारी ने लौटाई रकम , मिला जनसमर्थन । इस घटना के दौरान बताया गया कि (भाजपा नेता) मन्नू बिंद ने दुष्कर्म के आरोपित को बचाने के लिए एक लाख रुपये एक पूर्व मंडल अध्यक्ष को दिए थे । उस समय पूर्व मंडल अध्यक्ष ने आधी रकम मोर्चा के एक जिला पदाधिकारी को पैरवी के लिए सौंप दी थी । लेकिन कोतवाल नंदकुमार तिवारी ने हस्तक्षेप कर पूरा खेल खत्म कर दिया । उन्होंने न केवल पूरी रकम वापस कराई बल्कि संतोष बिंद की पत्नी के बैंक खाते    में रुपये जमा भी कराए । जिसके लिए क्षेत्र में उनके इस कदम की व्यापक सराहना भी हो रही है । *एडीजी ने लिया संज्ञान , निष्पक्ष जांच के आदेश* मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पर एडीजी पीयूष मोर्डिया ने संज्ञान लेते हुए , निष्पक्ष जांच के आदेश दिए । जांच में यह बात सामने आई कि तत्कालीन थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार पांडेय ने दुष्कर्म व एससी/एसटी एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ीं और विवेचना को जानबूझकर उलझाया गया। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया ।
*भाजपा संगठन में मची हलचल* इस पूरे प्रकरण ने भाजपा संगठन के भीतर भी हलचल मचा दी है। पार्टी पदाधिकारी    और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे     हैं। फिलहाल, सीओ कासिमाबाद को जांच की जिम्मेदारी   सौंपी गई है, और पुलिस प्रशासन इस मामले को पारदर्शी  तरीके से निपटाने की तैयारी में है ।

रिपोर्टर संवाददाता –

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