बहरियाबाद में संविधान और सामाजिक समानता पर युवा महोत्सव का भव्य आयोजन







बहरियाबाद में संविधान और सामाजिक समानता पर युवा महोत्सव का भव्य आयोजन
सुजीत कुमार सिंह
गाज़ीपुर – बहरियाबाद क्षेत्र में पूर्ति संस्थान के सौजन्य से UP युवा परियोजना के अंतर्गत भारतीय संविधान के संवैधानिक मूल्यों एवं सामाजिक समानता विषय पर आज दिन रविवार को एक दिवसीय युवा महोत्सव/युवा मेला का भव्य आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समाज को संविधान की मूल भावना से जोड़ना तथा सामाजिक समरसता के महत्व को रेखांकित करना रहा । जबकि कार्यक्रम की शुरुआत तथागत भगवान बुद्ध एवं बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ की गई । इसके पश्चात पूर्ति संस्थान के निदेशक श्याम नारायण जी ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि , विशिष्ट अतिथियों , ग्रामीण क्षेत्र से आई महिलाओं तथा युवा मंडल के युवाओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान देश को एकता , समानता और न्याय के सूत्र में बांधता है । आज के युवा यदि संविधान के मूल सिद्धांतों को समझ लें , तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेदी राम (विधायक) जखनिया ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता , समानता , न्याय , बंधुत्व और लोकतांत्रिक अधिकार भारतीय संविधान की देन हैं । उन्होंने कहा कि संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा है, जो हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया । वहीं (विशिष्ट अतिथि) धनंजय राय , अध्यक्ष स्पीड संस्थान बलिया एवं UP युवा परियोजना के मेंटर ने संविधान की प्रस्तावना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए , कहा कि जिस प्रकार शरीर को संचालित करने के लिए आत्मा की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार संविधान की प्रस्तावना पूरे संविधान की आत्मा है। इसमें निहित आदर्श ही भारत को एक सशक्त लोकतंत्र बनाते हैं । वहीं कार्यक्रम के दौरान युवा मंडल के साथियों द्वारा संविधान के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित गीत , संगीत , नुक्कड़ नाटक , भाषण तथा पोस्टर प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई । इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को सामाजिक समानता, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया । वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं ने यह संदेश दिया कि संविधान केवल पढ़ने की नहीं , बल्कि जीने की चीज़ है । इस अवसर पर मधुमती , सरिता भारती , सुमन भारती , सुनिधि राव , सुगंध , वर्षा , सुप्रिया , अजय हिमाचल , पूनम भारत , अमन , डॉ. विजय , संजय भास्कर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई । गीत-संगीत में मुद्रिका गौतम , मुन्नालाल बागी तथा पूरी संस्कृत टीम ने संवैधानिक मूल्यों पर आधारित प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं । इस कार्यक्रम के अंत में पूर्ति संस्थान के निदेशक श्रद्धा श्याम नारायण जी ने सभी अतिथियों , ग्रामीण महिलाओं , संस्कृत टीम , मीडिया प्रतिनिधियों , प्रशासनिक अधिकारियों एवं माननीय विधायक जखनिया के प्रति आभार व्यक्त किया । इस कार्यक्रम का सफल संचालन सामाजिक कार्यकर्ता हीरालाल जी एवं संजय भास्कर द्वारा किया गया । यह युवा महोत्सव संविधान और सामाजिक समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ ।




रिपोर्टर संवाददाता –





